विविधताओं से भरे प्रदेश राजस्थान के बारे में एक कहावत प्रचलित है कि कोस-कोस पर पानी बदले, चार कोस पर वाणी यानी यहां हर एक कोस पर इस प्रदेश मंे पानी का स्वाद बदल जाता है और चार कोस की दूरी पर भाषा और वेशभूषा बदल जाती है। एेसे में इस रंग-बिरंगे प्रदेश, जिसे कहा ही रंगीला राजस्थान जाता है, उसे कौन नहीं देखना चाहेगा। यही कारण है कि देश ही नहीं, दुनियाभर से पर्यटक इस प्रदेश की ओर खिंचे चले आते हैं। राजस्थान में पर्यटन व्यवसाय हजारों करोड़ रुपए का है, लेकिन अभी तक पर्यटन के इस व्यवसाय से प्रदेश के गांव लगभग अछूते ही थे।
विश्व पर्यटन के मानचित्र पर राजस्थान की अलग पहचान है। विविधताओं से भरे इस प्रदेश के बारे में कहा जाता है कि कोस-कोस पर पानी बदले, चार कोस पर पाणी। भला ऐसे प्रदेश को कौन नहीं देखना चाहेगा।
जयपुर। डेजर्ट टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान पर्यटन विकास निगम ने अभिनव पहल शुरू की है। देशी-विदेशी सैलानी अब जैसलमेर में हेलिकॉप्टर जॉयराइड का लुत्फ उठा सकेंगे। जैसलमेर के सम ढाणी से निगम ने हेलिकॉप्टर जॉयराइड सुविधा शुरू कर दी है। इसके जरिये पर्यटक अब थार के मरुस्थल को देख सकते हैं। गत बुधवार को अल्पसंख्यक मामलात मंत्री सालेह मोहम्मद, पर्यटन राज्यमंत्री मुरारीलाल मीणा एवं आरटीडीसी के चेयरमैन धर्मेन्द्र राठौड़ ने हरी झण्डी दिखाकर एवं फीता काटकर इस सुविधा का शुभारम्भ किया। इसकी सफलता के बाद जैसलमेर में सुविधा को जारी रखते हुए राजस्थान के अन्य पर्यटन स्थलों को जोड़ते हुए हवाई मार्ग द्वारा पर्यटन सर्किट बनाने पर काम किया जाएगा।
जयपुर - प्रदेश में जैसे-जैसे सर्दी का मौसम आगे बढ़ रहा है राजधानी जयपुर में सैलानियों की चहलकदमी भी बढ़ती जा रही है। कोरोना महामारी के कारण प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की आवक हो गई थी लेकिन अब एक बार फिर गुलाबी नगरी पर्यटकों की भीड़ के रंग में रंगी नजर आने लगी है।
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Jan 05, 2023