सर्दियों का यह सुहावना मौसम अपने साथ स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं भी लेकर आता है। इस दौरान गले में खराश, सर्दी-जुकाम, सीने में जकड़न जैसी समस्याएं होती हैं। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी बरत कर जाड़े के मौसम का आनंद लिया जा सकता है।
दुनियाभर में औषधीय पौधों पर भयंकर खतरा मंडरा रहा है। पृथ्वी हर दो साल में एक संभावित औषधीय पौधा विलुप्त हो रहा है। साथ ही इनके विलुप्त होने की दर प्राकृतिक प्रक्रिया के मुकाबले 100 गुना तेज है। भारत में ‘लाल सूची’ में 387 पौधे शामिल हैं। गोवा में पणजी में आयोजित वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस (डब्ल्यूएसी) में भाग लेने वाले विशेषज्ञों ने इस खतरे से निपटने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के साथ औषधीय पौधों के संरक्षण पर भी जोर दिया।
। दुनियाभर में एक्यूपंक्चर से उपचार की पद्धति की ओर लोगों का रुझान बढ़ा है। विशेषकर शरीर में हाेने वाले विभिन्न प्रकार के दर्द के उपचार के लिए एक्यूपंक्चर की स्वीकार्यता और बढ़ी है, लेकिन इसके पीछे का विज्ञान क्या है। एक्यूपंक्चर दर्द के उपचार में कैसे काम करता है, इसका एकदम सही उत्तर खोजना भूसे के ढेर में सूई ढूंढने के समान है।
नई दिल्ली। चीन में एक बार फिर कोरोना ने तबाही मचा दी है। अस्पतालों में जगह नहीं बची है। मुर्दाघरों और श्मशान के बाहर शवों की कतारें लगीं हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार चीन में 1 करोड़ 1 लाख 67 हजार 676 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, 31 हजार 585 मरीजों की मौत हो चुकी है। इन सबके बीच महामारी विशेषज्ञों के अनुमान भी डरा रहे हैं। इन अनुमानों के मुताबिक, चीन में अभी कोरोना की सुनामी आने वाली है। अनुमान है कि आगामी तीन महीनों में चीन की 60 फीसदी आबादी कोरोना से संक्रमित हो सकती है। कुछ दिन पहले ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि इस हफ्ते चीन में एक दिन में कोरोना के 3.7 करोड़ मामले सामने आ सकते हैं। ये आंकड़ा अब तक का सबसे ज्यादा होगा। एक्सपर्ट का मानना है कि जीरो-कोविड पॉलिसी के तहत चीन की सरकार ने पहले लोगों को घरों में कैद रखा, एेसे में वहां के लोगों में वायरस के खिलाफ इम्युनिटी नहीं बन पाई और अब सब अचानक से खोल दिया, जिस कारण संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। चीन में अब कोरोना से हो रही मौतों के बाद लोगों के शवों को मस्जिदों और गोदामों में रखा जा रहा है। खबरों में कहा गया है कि बीजिंग में नीउ स्ट्रीट की मस्जिद का इस्तेमाल शवों को रखने के लिए किया जा रहा है।
हैदराबाद। दवा कंपनी ‘हेटेरो’ ने कोविड-19 की मौखिक दवा निर्माट्रेलविर के जेनेरिक स्वरूप के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन पूर्व अहर्ता दवा कार्यक्रम (डब्ल्यूएचओ पीक्यू) के तहत स्वीकृति मिलने की गत सोमवार को घोषणा की।
निर्माताओं ने जारी किया िफल्म का पहला पोस्टर, 26 जनवरी को रिलीज होगी ‘गांधी गोडसे-एक युद्ध’
Jan 05, 2023बाइक में 200सीसी का 4 वॉल्व ऑयल कूल्ड इंजन, हीरो मोटोकॉर्प की नई बाइक एक्सप्लस 200टी 4वी लॉन्च
Dec 31, 2022