इस साल नवंबर तक 420 लोगों को रिश्वत लेते पकड़ा गया
इस साल नवंबर तक 420 लोगों को रिश्वत लेते पकड़ा गया
स्टेट अपडेट | जयपुर
प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामले दिन दूनी रात चौगुनी रफ्तार से बढ़ रहे हैं। एसीबी के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 में 225 ट्रेप की कार्रवाई की गई। वहीं 2022 में नवंबर के पहले सप्ताह तक ही 420 लोगों को रिश्वत लेते धरा जा चुका है। इन कार्रवाइयों में पकड़े जाने वाले अिधकतर लोग सरकारी सेवा से जुड़े हैं और वेतन के रूप में मोटी तनख्वाह भी ले रहे हैं। इसके बावजूद लालच में अंधे हुए ये लोग काली कमाई करने से पीछे नहीं हट रहे हैं। जनता की सेवा के लिए सरकारी सेवा में आने वाले ये लोग अपना जमीर बेचकर मेवा (अकूत धन) पाने में लगे हुए हैं। हाल ही में जयपुर में पकड़े गए बिजली विभाग के सहायक लेखाधिकारी व सूचना सहायक के यहां से पकड़ी गई काली कमाई बता रही है कि जनता की सेवा के लिए भर्ती किए जाने वाले अिधकारी-कर्मचारी किस कदर अपनी धन पिपासा शांत करने में लगे हुए हैं।
दीपक गुप्ता वर्ष 1995 में अपने पिता की मृत्यु होने पर एलडीसी के पद पर बिजली विभाग में लगा था। विभागीय परीक्षा देने पर दीपक 2005 में जूनियर अकाउंटेंट बना। इसके बाद AA0 बना। दीपक और उसकी पत्नी के खातों में 2 करोड़, 15 लाख रुपए मिले हैं। जयपुर में कुल 17 प्लॉट भी मिले हैं। AAO दीपक गुप्ता के ठिकानों से भी 14 लाख रुपए नकद मिले हैं। दीपक के घर से 1 किलो सोना, 32 किलो चांदी, 3 स्टार होटल के पार्टनरशिप के कागज भी मिले हैं।
दीपक के मिली सोने की घड़ियां, लग्जरी होम थियेटर
दीपक गुप्ता के घर से एक लग्जरी होम थियेटर, एक अफ्रीकन ग्रे तोता, चाउ-चाउ चाइनिज डॅाग (एक जोड़ा), 2 सोने की घड़ी और अन्य इंपोर्टेड घड़ियां, मिनी जिम, पासपोर्ट (परिवार सहित यूएई विजिट) बेशकीमती झूमर और होम अपलाइंसेज, सेंसर वाले पंखे/लाइट /दरवाजे मिले हैं। घर में 13 एसी लगे हैं।
सूचना सहायक प्रतिभा कमल के घर मिली बीएमडब्ल्यू की कार व बाइक
डीजी एसीबी ने बताया कि सर्च के दौरान प्रतिभा कमल के आवास से 22.90 लाख कैश, 1.3 किलो सोने के गहने, 2.88 किलो चांदी के गहने, एक बीएमडब्ल्यू कार और बाइक, एक आई-20 कार, वॉक्सवेगन कार, आमेर रोड कुंडा में 6 दुकान, 13 प्लॅाट, WTP मॉल में दुकान, लालकोठी स्थित सिग्नेचर टावर में एक ऑफिस, अजमेर रोड पर एक फ्लैट, बजाज नगर विस्तार में एक प्लॉट के दस्तावेज मिले हैं। गौरतलब है कि प्रतिभा कमल सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग में सूचना सहायक के पद पर कार्यरत थी। वह वर्ष 2013 में सूचना सहायक के बाद पर नियुक्त हुई थी। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में सूचना सहायक का प्रारम्भिक मासिक वेतन 12 हजार रुपए होता है। स्थायी होने पर वेतन बढ़कर 32 हजार रुपए प्रति महीना हो जाता है। सोचिए एक सूचना सहायक कर्मचारी के पास कितनी संपत्ति हो सकती है। राजस्थान के जयपुर शहर में सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग में तैनात सूचना सहायक प्रतिभा कमल के घर एसीबी की टीम को साढ़े 6 करोड़ रुपए की संपत्ति मिली है।
खातों में 2 करोड़, 4-4 लाख के कुत्ते और एक लाख का तोता
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीमों ने 6 नवंबर को प्रदेश में 6 से ज्यादा स्थानों पर कार्रवाई कर एक सहायक लेखाधिकारी व सूचना सहायक के यहां करोड़ों की काली कमाई पकड़ी है। सर्च में अफसरों के घरों में होम थियेटर, सोने की घड़ियां, लग्जरी कार और बाइक के साथ करोड़ों की संपत्ति के कागजात मिले हैं। दो अफसरों के घरों से 33 लाख रुपए नकदी भी मिली। बिजली निगम के सहायक लेखाधिकारी के बैंक खातों में 2 करोड़ रुपए मिले हैं। इतना ही नहीं, इनके घर से 4-4 लाख रुपए के कुत्ते मिले हैं। इसी सहायक लेखाधिकारी के घर से एक लाख रुपए का अफ्रीकन तोता भी मिला है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने यह काली कमाई डिपार्टमेंट ऑफ इंफोर्मेशन टेक्नॉलोजी (DOIT) की सूचना सहायक प्रतिभा कमल और डिस्कॉम के AAO दीपक गुप्ता के ठिकानों से पकड़ी है। प्रतिभा कमल के घर से सर्च के दौरान 22 लाख रुपए, 1 किलो सोना, 2 किलो चांदी, बीएमडब्ल्यू सहित 6 कारें मिली हैं। वहीं, दीपक गुप्ता के घर से सोने की घड़ियां, गहने मिले हैं। साथ ही दीपक के घर के अंदर ही होम थिएटर बना हुआ था। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक बीएल सोनी ने बताया कि जयपुर में ही डिस्कॉम के सहायक लेखाधिकारी दीपक गुप्ता के ठिकानों से भी 14 लाख रुपए नकद मिले हैं। दीपक के घर से 1 किलो सोना, 32 किलो चांदी, 3 स्टार होटल के पार्टनरशिप के कागज भी मिले हैं। एडीजी एसीबी दिनेश एमएन ने बताया कि दीपक के पास जो चाइनीज डॉग मिले हैं, वे 4-4 लाख रुपए के हैं। दीपक के घर से जो अफ्रीकन तोता मिला है, इसकी कीमत एक लाख रुपए हैं।
बायोफ्यूल अथॉरिटी के सीईओ के यहां मिली थी 100 करोड़ की प्रॉपर्टी
राजस्थान में 5 लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले में पकड़े गए अफसर के घर से 100 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी मिली थी। राजस्थान बायोफ्यूल अथॉरिटी के सीईओ सुरेंद्र सिंह राठौड़ को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 7 अप्रेल, 2022 को पकड़ा था। उसके लिए अथॉरिटी का एक संविदाकर्मी 5 लाख रुपए की रिश्वत ले रहा था। छापे के बाद राठौड़ के कई ठिकानों पर सर्चिंग की गई। एसीबी को राठौड़ के घर और फ्लैट से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और महंगी शराब भी मिली थी। एसीबी को राठौड़ के घर में सर्च के दौरान महंगी कार के साथ करोड़ों रुपए की जमीनों के दस्तावेज मिले थे। राठौड़ लगभग 100 करोड़ की सम्पत्ति का मालिक है। राठौड़ की लग्जरी लाइफ और ठाट-बाट का इतना शौक था कि गाड़ी का नंबर भी 0007 ले रखा था।
कार्रवाई के बाद डायरेक्टर ने एसीबी अधिकारियों से कहा- 1 हजार करोड़ का आदमी हूं। तुम लोग मेरा क्या बिगाड़ लोगे? एसीबी को घर से इतना कैश मिला कि नोट गिनने के लिए 10 मशीनें लगानी पड़ी। उसके घर से कुल 4 करोड़ कैश मिला था
पांच लाख रुपए की रिश्वत लेते धरे गए दौसा जिले के दो एसडीएम
हाइवे निर्माण कंपनी से मांगी थी निर्बाध काम के लिए रिश्वत राशि
दौसा। दौसा में 13 जनवरी, 2021 को एसीबी ने दो एसडीएम को 5 लाख की रिश्वत लेते और 10 लाख की मांग करते पकड़ा था। इनमें बांदीकुई एसडीएम पिंकी मीणा और दौसा एसडीएम पुष्कर मित्तल शामिल थे। एसीबी ने पुष्कर मित्तल को दौसा स्थित सिविल लाइंस स्थित घर पर रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। जबकि, बांदीकुई एसडीएम ऑफिस से पिंकी मीणा को रिश्वत की मांग करते गिरफ्तार किया गया था। एसीबी डीजी बीएल सोनी और एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि दोनों एसडीएम ने भारतमाला परियोजना (दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस हाइवे) के ठेकेदार से रिश्वत मांगी थी। इस मामले की जानकारी एसीबी तक पहुंच गई थी। इसके बाद एसीबी ने दोनों अधिकारियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। एसीबी महानिदेशक बीएल सोनी ने बताया कि दोनों द्वारा हाइवे निर्माण कंपनी से काम में रुकावट नहीं डालने और दर्ज केसों को रफा-दफा करने के लिए रिश्वत की मांग की गई थी। उस दौरान एसीबी ने दाैसा के तत्कालीन एसपी मनीष अग्रवाल के नाम पर कंपनी से 38 लाख रुपए घूस मांगने वाले दलाल नीरज को भी गिरफ्तार किया था।
पिंकी मीणा जयपुर जिले में चौमूं के समीप चिथवाड़ी गांव की रहने वाली है। पिंकी के पिता किसान हैं। पिंकी ने पहली बार में ही आरएएस की परीक्षा क्लीयर कर ली थी, लेकिन पिंकी मीणा उम्र 21 साल नहीं होने से इंटरव्यू नहीं दे पाई थीं। इससे वह उस साल राजस्थान प्रशासनिक सेवा में नहीं जा पाई थी। इसके बाद वर्ष 2016 में फिर से मेरिट के साथ राजस्थान प्रशासनिक सेवा की परीक्षा क्लीयर की, जिसके बाद उसे पहली पोस्टिंग टोंक मिली थी। अभी वह दौसा जिले के बांदीकुई उपंखड मुख्यालय पर उपखंड अिधकारी के पद पर कार्यरत थी।
अलवर के तत्कालीन कलेक्टर में आए गिरफ्त में
अलवर। एसीबी ने अलवर के तत्कालीन जिला कलेक्टर आईएएस नन्नूमल पहाडिया, आरएएस अशोक सांखला एवं उनके दलाल को 23 अप्रेल, 2022 को 5 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आरोपियों की ओर से 16 लाख की रिश्वत की डिमांड की गई थी। मामले में एसीबी की अलवर टीम को परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसकी फर्म की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्यों को निर्बाध रूप से चलाने की एवज में मासिक बंधी के रूप में यह राशि मांगी गई थी। परिवादी ने एसीबी को बताया था कि आईएएस नन्नूमल पहाडिया, आरएएस अशोक सांखला सेटलमेंट ऑफिसर कम राजस्व अपीलीय प्राधिकारी उसे 16 लाख रुपए की रिश्वत राशि मांग कर को लेकर लगातार परेशान कर रहे थे।
आरएएस एसोसिएशन का कहना है कि एसीबी उन्हें टारगेट कर रही है। हालांकि सच यह भी है कि पिछले 3 साल में ही एसीबी ने रिकॉर्ड कार्रवाइयां की हैं।
मोटी तनख्वाह, फिर भी डॉक्टर ने 700 रुपए के लिए ही बेचा ईमान
भरतपुर। एसीबी ने वर्ष 2016 में वैर के सरकारी अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अिधकारी को मात्र 700 रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा जबकि इस चिकित्सक की तनख्वाह करीब 70-80 हजार रुपए होगी। चिकित्सा प्रभारी अधिकारी डॉ. पी. एस. अरोड़ा ने रिश्वत एक परिवादी की एमएलसी (मेडिकल लीगज सार्टिफिकेट) रिपोर्ट तैयार कराने की एवज में मांगी थी। चिकित्सक के कहने पर रिश्वत राशि सफाई कर्मचारी ने लेकर अलमारी में रख दी, जिस पर टीम ने कार्रवाई कर मौके से बरामद कर लिया। डॉ.अरोड़ा ने परिवादी से उसकी पुत्री का मेडिकल बनाने की एवज में 1 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।
8 करोड़ में जमीन बिकती देख पटवारी की डोल गई नीयत
जोधपुर। जमीन के डॉक्युमेंट देने के नाम पर 25 लाख रुपए की रिश्वत लेते 19 अक्टूबर, 2022 को जोधपुर में पटवारी को एसीबी टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया। दरअसल, पटवारी को जब यह पता चला कि परिवादी इस जमीन को बेचने जा रहा है तो उसकी नीयत बिगड़ गई। 8 करोड़ के इस जमीन को बेचने के बदले उसने 25 लाख की रिश्वत मांग ली। एसीबी अधिकारियों ने बताया कि पटवारी ने पहले परिवादी से प्लॉट मांगा था। प्लॉट नहीं देने पर उसकी कीमत के रुपए मांगे। परिवादी मनोज ग्वाला ने एसीबी कार्यालय में इस संबंध में रिपोर्ट दी थी। परिवादी ने बताया कि उनकी 2 बीघा 5 बिस्वा जमीन का नक्शा और अन्य डॉक्युमेंट देने के लिए पटवारी बीरबल राम ने यह राशि मांगी।
3 साल में 60 परसेंट बढ़ा भ्रष्टाचार
जयपुर। पिछले तीन साल में प्रदेश में भ्रष्टाचार 22% से भी अिधक बढ़ा है। यह प्रदेश की विकास दर (2019-20 में 5%) से करीब चार गुना से ज्यादा है। जनवरी 2016 से अक्टूबर 2022 तक सभी प्रमुख विभागों में भ्रष्टाचार 60% तक बढ़ा है। छह साल में पुलिस में 452 और रेवेन्यू विभाग में 315 घूसखोरी के मामले सामने आए हैं। साल 2016 से 2018 तक 829 ट्रैप किए। इस दौरान 1500 घूसखोर अफसर, कर्मचारी व दलाल पकड़े गए। वहीं, साल 2020 से नवंबर 2022 तक 1006 ट्रैप हुए।
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Jan 05, 2023
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