दुनिया के अधिकतर देशों में बीमार सिर्फ उन लोगों को माना जाता है, जो शारीरिक रूप से दुर्बल होते हैं। ऐसे लोग जो किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं। उन्हें हमारा समाज बीमार कहता है, लेकिन बीमारी की यह परिभाषा न पहले के लिए सही थी, न आज के लिए है और न ही आने वाले कल के लिए सही हो सकती है।