कभी हजारों किमी दूर से दिलों की दूरियां मिटाने वाला स्मार्टफोन अब लोगों के रिश्तों में खटास भरने लगा है। स्मार्टफोन के अधिक व अनर्गल इस्तेमाल ने प्यार भरे रिश्तों में शक के शूल बोने शुरू कर दिए हैं। एेसे में अब स्मार्टफोन के कारण लोगों के परिवार बिखरने लगे हैं। इस तरह की खबरें आए दिन समाचार-पत्रों में पढ़ने को मिल जाती हैं। हाल ही स्मार्ट उपकरण विनिर्माता वीवो के एक अध्ययन में बताया गया है कि स्मार्टफोन के अत्यधिक इस्तेमाल की वजह से भारत में विवाहित जोड़ों के संबंधों में बिखराव आ रहा है। यह अध्ययन दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद तथा पुणे में 1,000 लोगों पर किया गया।
नई दिल्ली। कभी हजारों किमी दूर से दिलों की दूरियां मिटाने वाला स्मार्टफोन अब लोगों के रिश्तों में खटास भरने लगा है। स्मार्टफोन के अधिक वअनर्गल इस्तेमाल ने प्यार भरे रिश्तों में शक के शूल बोने शुरू कर दिए हैं। एेसे में अब स्मार्टफोन के कारण लोगों के परिवार बिखरने लगे हैं। इस तरहकी खबरें आए दिन समाचार-पत्रों में पढ़ने को मिल जाती हैं। हाल ही स्मार्ट उपकरण विनिर्माता वीवो के एक अध्ययन में बताया गया है कि स्मार्टफोन केअत्यधिक इस्तेमाल की वजह से भारत में विवाहित जोड़ों के संबंधों में बिखराव आ रहा है। यह अध्ययन दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद तथा पुणे में 1,000 लोगों पर किया गया।
आमने-सामने की बातचीत ज्यादा राहत देनी वाली
साइबर मीडिया के अध्ययन ‘स्मार्टफोन और मानवीय संबंधों पर उनका असर 2022’ में 67 प्रतिशत लोगों ने स्वीकार किया कि वे जीवनसाथी के साथसमय बिताने के दौरान भी अपना फोन देखने में व्यस्त रहते हैं। वहीं 89 प्रतिशत ने कहा कि अपने जीवनसाथी के साथ हल्की-फुल्की बातचीत में उन्होंनेकम वक्त दिया जबकि वे चाहते तो अधिक समय दे सकते थे। इसमें स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं ने यह माना कि आमने-सामने की बातचीत ज्यादा राहतदेनी वाली होती है, लेकिन इसके लिए वे कम वक्त देते हैं।
मजबूर से नजर आए लोग
अध्ययन में शामिल लोगों में से 84 प्रतिशत ने कहा कि वे अपने जीवनसाथी के साथ और वक्त गुजारना चाहते हैं। लोग समस्या को स्वीकार कर रहे हैंऔर इसे बदलने के लिए भी तैयार हैं। 88 प्रतिशत लोगों ने यह माना कि स्मार्टफोन के अधिक इस्तेमाल का असर जीवनसाथी के साथ उनके रिश्ते परपड़ रहा है। इसमें 90 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे अपने जीवनसाथी के साथ अर्थपूर्ण बातचीत करके ज्यादा वक्त बिताना चाहते हैं।
रोजान 4.7 घंटे मोबाइल में बिता रहे लोग
अध्ययन के मुताबिक स्मार्टफोन उपयोगकर्ता प्रतिदिन औसतन 4.7 घंटे इस उपकरण को देखते हुए बिताते हैं और यह अवधि पति और पत्नी दोनों केलिए एक समान है। 73 प्रतिशत ने कहा कि उनके जीवनसाथी की यह शिकायत रहती है कि वे उनके साथ अधिक समय बिताने के बजाय फोन में ज्यादाउलझे रहते हैं। साथ ही 70 प्रतिशत लोग जब स्मार्टफोन देख रहे होते हैं और ऐसे में उनका जीवसाथी उनसे कुछ कहता है तो वे झल्ला जाते हैं। 66 प्रतिशत ने यह महसूस किया कि स्मार्टफोन के अत्यधिक इस्तेमाल की वजह से जीवनसाथी के साथ उनका संबंध कमजोर हुआ है।
Comments 0