नई दिल्ली। चीन में एक बार फिर कोरोना ने तबाही मचा दी है। अस्पतालों में जगह नहीं बची है। मुर्दाघरों और श्मशान के बाहर शवों की कतारें लगीं हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार चीन में 1 करोड़ 1 लाख 67 हजार 676 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, 31 हजार 585 मरीजों की मौत हो चुकी है। इन सबके बीच महामारी विशेषज्ञों के अनुमान भी डरा रहे हैं। इन अनुमानों के मुताबिक, चीन में अभी कोरोना की सुनामी आने वाली है। अनुमान है कि आगामी तीन महीनों में चीन की 60 फीसदी आबादी कोरोना से संक्रमित हो सकती है। कुछ दिन पहले ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि इस हफ्ते चीन में एक दिन में कोरोना के 3.7 करोड़ मामले सामने आ सकते हैं। ये आंकड़ा अब तक का सबसे ज्यादा होगा। एक्सपर्ट का मानना है कि जीरो-कोविड पॉलिसी के तहत चीन की सरकार ने पहले लोगों को घरों में कैद रखा, एेसे में वहां के लोगों में वायरस के खिलाफ इम्युनिटी नहीं बन पाई और अब सब अचानक से खोल दिया, जिस कारण संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। चीन में अब कोरोना से हो रही मौतों के बाद लोगों के शवों को मस्जिदों और गोदामों में रखा जा रहा है। खबरों में कहा गया है कि बीजिंग में नीउ स्ट्रीट की मस्जिद का इस्तेमाल शवों को रखने के लिए किया जा रहा है।
हैदराबाद। दवा कंपनी ‘हेटेरो’ ने कोविड-19 की मौखिक दवा निर्माट्रेलविर के जेनेरिक स्वरूप के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन पूर्व अहर्ता दवा कार्यक्रम (डब्ल्यूएचओ पीक्यू) के तहत स्वीकृति मिलने की गत सोमवार को घोषणा की।
निर्माताओं ने जारी किया िफल्म का पहला पोस्टर, 26 जनवरी को रिलीज होगी ‘गांधी गोडसे-एक युद्ध’
Jan 05, 2023