नई दिल्ली। ग्लोबल वार्मिंग की वजह से हो रहे क्लाइमेट चेंजेज के कारण वर्ष 2050 तक वैज्ञानिकों ने बेंगलुरू, मुंबई, सूरत, चेन्नई और कोलकाता आिद शहरों के समुद्र में डूब जाने की आशंका जताई है। ऐसा कार्बन उत्सर्जन के साथ समुद्र के बढ़ते जल स्तर की वजह से होगा। एक अनुमान के मुताबिक भारत में 3.1 करोड़ लोग तटीय क्षेत्रों में रहते हैं और हर साल बाढ़ के जोखिम का सामना करते हैं। साल 2050 तक यह संख्या बढ़ कर 3.5 करोड़ और सदी के अंत तक 5.1 करोड़ पहुंच सकती है। फिलहाल, दुनिया भर में 25 करोड़ लोग हर साल आने वाली तटीय बाढ़ के जोखिम वाले क्षेत्रों में रहते हैं। नए अनुमानों के मुताबिक पिछले अनुमानों के मुकाबले दुनियाभर में तीन गुना समुद्र तट समुद्र के पानी की चपेट में है।
नई दिल्ली। कर्मचारियों का एक बड़ा हिस्सा अपने कामकाजी जीवन में अधिक लचीलापन चाहता है। इसके लिए वह कुछ समझौता करने को भी तैयार है। हाल ही जारी हुई एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। एडीपी रिसर्च इंस्टिट्यूट के ‘पीपल एट वर्क 2022: ए ग्लोबल वर्कफोर्स व्यू’ के तहत 17 देशों में लगभग 33,000 कर्मचारियों के बीच यह सर्वे किया गया। इसमें 10 में से सात से ज्यादा कर्मचारियों ने अपने कामकाजी घंटों में अधिक लचीलेपन की मांग की।
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Dec 31, 2022