इस साल नवंबर तक 420 लोगों को रिश्वत लेते पकड़ा गया
विविधताओं से भरे प्रदेश राजस्थान के बारे में एक कहावत प्रचलित है कि कोस-कोस पर पानी बदले, चार कोस पर वाणी यानी यहां हर एक कोस पर इस प्रदेश मंे पानी का स्वाद बदल जाता है और चार कोस की दूरी पर भाषा और वेशभूषा बदल जाती है। एेसे में इस रंग-बिरंगे प्रदेश, जिसे कहा ही रंगीला राजस्थान जाता है, उसे कौन नहीं देखना चाहेगा। यही कारण है कि देश ही नहीं, दुनियाभर से पर्यटक इस प्रदेश की ओर खिंचे चले आते हैं। राजस्थान में पर्यटन व्यवसाय हजारों करोड़ रुपए का है, लेकिन अभी तक पर्यटन के इस व्यवसाय से प्रदेश के गांव लगभग अछूते ही थे।
राजमूवी के निर्माता एनके मित्तल ने दावा किया है कि मजो आ गयो फुल एंटरटेनिंग फिल्म है। अगर किसी दर्शक को फिल्म देखने के बाद मजा नहीं आए तो वे उसे टिकट के पैसे वापस कर देंगे। एनके मित्तल ने यह एनाउंसमेंट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर करते हुए लिखा है कि ‘देख कर मजा नही आए तो पैसा वापस। मुझसे तीन दिन मे कभी भी ले जाना, अपनी टिकट वापस देकर। वादा रहा। जैसा नाम वैसा काम। मजो आ गयो कहना पड़ेगा।’ निर्माता एनके मित्तल ने बताया कि उन्हें राजस्थानी सिनेमा से प्यार है, इसलिए वे घाटा लगने के बाद भी लगातार राजस्थानी फिल्में बना रहे हैं।
राजस्थान सरकार कोचिंग सेंटर सहित निजी शिक्षण संस्थानों पर लगाम रखने को नियामक प्राधिकरण स्थापित करने के लिए एक कानून बनाने की प्रक्रिया में है। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षण संस्थान अपने यहां काउंसलिंग केन्द्र खोलें, प्रतियोगी परीक्षा में अव्वल रहने वाले विद्यार्थियों (टॉपरों) का महिमामंडन बंद करें। साथ ही छात्रों का तनाव दूर करने के लिए कदम उठाएं। प्रस्तावित कानून के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर निजी संस्थानों को अधिकतम एक करोड़ रुपए का जुर्माना देना होगा। बार-बार उल्लंघन करने पर जुर्माना 5 करोड़ रुपये तक हो सकता है।
विश्व पर्यटन के मानचित्र पर राजस्थान की अलग पहचान है। विविधताओं से भरे इस प्रदेश के बारे में कहा जाता है कि कोस-कोस पर पानी बदले, चार कोस पर पाणी। भला ऐसे प्रदेश को कौन नहीं देखना चाहेगा।
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Jan 05, 2023