जयपुर। प्रदेश में जैसे-जैसे सर्दी का मौसम आगे बढ़ रहा है, राजधानी जयपुर में सैलानियों की चहलकदमी भी बढ़ती जा रही है। कोरोना महामारी के कारण प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की आवक कम हो गई थी, लेकिन अब एक बार फिर गुलाबी नगरी पर्यटकों की भीड़ के रंग में रंगी नजर आने लगी है।
जयपुर। प्रदेश में जैसे-जैसे सर्दी का मौसम आगे बढ़ रहा है, राजधानी जयपुर में सैलानियों की चहलकदमी भी बढ़ती जा रही है। कोरोना महामारी के कारण प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की आवक कम हो गई थी, लेकिन अब एक बार फिर गुलाबी नगरी पर्यटकों की भीड़ के रंग में रंगी नजर आने लगी है। राजधानी जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों जिनमें आमेर दुर्ग, जलमहल, अल्बर्ट हॉल,जंतर-मंतर पर सैलानियों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल रही है। राजधानी जयपुर में देश ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटक भी बढ़ी संख्या में आ रहे हैं। कोरोना महमारी के दौर में राजधानी जयपुर समेत पूरे प्रदेश में ही पर्यटन स्थलों पर प्रवेश बन्द कर दिए गए थे।
पर्यटन स्थलों के बन्द होने से ना सिर्फ यहां सन्नाटा पसर गया बल्कि इनके आस-पास के व्यापारियों का भी नुकसान हुआ, लेकिन अब पर्यटन स्थल फिर से गुलजार हो रहे हैं। कोविड के दो साल बाद दिसम्बर 2022 के आखिरी सप्ताह में रिकॉर्ड 3 लाख, 38 हजार से अधिक पर्यटक जयपुर पहुंचे। इससे न केवल गुलाबी नगरी गुलजार रही, बल्कि पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने रिकॉर्ड कमाई भी की है। पिछले आठ दिन में ही विभाग ने 2 करोड़ 38 लाख, 49 हजार से अधिक की कमाई की। हालांकि कोरोना संक्रमण को लेकर पुरातत्व विभाग को भी चिंता में डाल दिया। इसके चलते विभाग ने अपने सभी संग्रहालय अधीक्षकों को कोविड प्रोटोकॉल की पालना के लिए निर्देश जारी किए हैं। राजधानी में पर्यटकों से गुलजार होने से जहां शहर की खूबसूरती में रौनक बढ़ गई है वहीं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है।
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