अजमेर। सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती का 811वां उर्स रजब का चांद दिखाई देने पर 22 जनवरी से शुरू होगा। धार्मिक नगरी अजमेर में ख्वाजा गरीब नवाज के 811वें उर्स के लिए रेलवे ने छह जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया है। उर्स में शामिल होने वाले जायरीन की सुविधा के लिए उत्तर-पश्चिम रेलवे ने छपरा-अजमेर-छपरा, हैदराबाद-मदार-हैदराबाद, काचीगुडा-मदार-काचीगुडा, मछलीपट्टनम-मदार- मछलीपट्टनम, तिरूपति-अजमेर- तिरूपति एवं नांदेड़-अजमेर-नांदेड की उर्स स्पेशल रेल सेवा शुरू की है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कैप्टन शशिकिरण ने बताया कि उर्स को देखते हुए इन सभी ट्रेनों के एक एक ट्रिप संचालित किए जाएंगे।
वहीं स्थानीय प्रशासन भी उर्स के लिए अपनी तैयारियों में जुट गया है।
अजमेर। सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती का 811वां उर्स रजब का चांद दिखाई देने पर 22 जनवरी से शुरू होगा। धार्मिक नगरी अजमेर में ख्वाजा गरीब नवाज के 811वें उर्स के लिए रेलवे ने छह जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया है। उर्स में शामिल होने वाले जायरीन की सुविधा के लिए उत्तर-पश्चिम रेलवे ने छपरा-अजमेर-छपरा, हैदराबाद-मदार-हैदराबाद, काचीगुडा-मदार-काचीगुडा, मछलीपट्टनम-मदार- मछलीपट्टनम, तिरूपति-अजमेर- तिरूपति एवं नांदेड़-अजमेर-नांदेड की उर्स स्पेशल रेल सेवा शुरू की है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कैप्टन शशिकिरण ने बताया कि उर्स को देखते हुए इन सभी ट्रेनों के एक एक ट्रिप संचालित किए जाएंगे।
वहीं स्थानीय प्रशासन भी उर्स के लिए अपनी तैयारियों में जुट गया है।
22 को ही खोला जाएगा जन्नती दरवाजा
उर्स के प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत 22 जनवरी से उर्स शुरू होगा और 1 फरवरी 2023 तक उर्स की सभी रस्में पूरी हो जाएंगी। चांद रात के दिन यानी 22 जनवरी, 2023 को परंपरा के अनुसार दरगाह में जन्नती दरवाजा खोल दिया जाएगा। यदि इसी दिन रजब महीने का चांद दिखाई दे जाता है, तो रात से ही उर्स की महफिल शुरू हो जाएगी। देर रात को गरीब नवाज की मजार को गुस्ल देने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। चांद नजर नहीं आने पर अगले दिन से यह रस्में होंगी।
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