पहलगाम समेत कई स्थानों पर पारा हिमांक बिंदु के नीचे चले जाने के साथ ही कश्मीर घाटी में बुधवार से सबसे भयंकर सर्दी ‘चिल्लई कलां’ का दौर शुरू हो गया है। पहलगाम में रात का तापमान शून्य के नीचे 6.2 डिग्री सेल्सियस तक चला गया।
पहलगाम समेत कई स्थानों पर पारा हिमांक बिंदु के नीचे चले जाने के साथ ही कश्मीर घाटी में बुधवार से सबसे भयंकर सर्दी ‘चिल्लई कलां’ का दौर शुरू हो गया है। पहलगाम में रात का तापमान शून्य के नीचे 6.2 डिग्री सेल्सियस तक चला गया।
श्रीनगर। पहलगाम समेत कई स्थानों पर पारा हिमांक बिंदु के नीचे चले जाने के साथ ही कश्मीर घाटी में बुधवार से सबसे भयंकर सर्दी ‘चिल्लई कलां’ का दौर शुरू हो गया है। पहलगाम में रात का तापमान शून्य के नीचे 6.2 डिग्री सेल्सियस तक चला गया। अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर में कई स्थानों पर पिछली रात इस सीजन की अब तक की सबसे सर्द रात रही तथा यहां डल झील समेत घाटी के जलाशयों तथा यहां तक की नलों का पानी भी जम गया। उनके अनुसार श्रीनगर में पिछली रात न्यूनतम तापमान शून्य के नीचे 4.2 डिग्री सेल्सियस रहा। उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में स्कीइंग के लिए प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में पारा शून्य से 4.6 डिग्री नीचे चला गया। कुपवाड़ा, काजीगुंड और कोकरनाग में न्यूनतम तापमान क्रमश: शून्य से 4.4 डिग्री, 4.2 डिग्री और 2.4 डिग्री सेल्सियस कम रहा।
20 जनवरी के बाद आएगा चिल्लई खुर्द का दौर
मौसम विज्ञान विभाग ने जम्मू कश्मीर में 24 दिसंबर तक मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान लगाया है। उसके अनुसार क्रिसमस के आस-पास कश्मीर के कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा या हिमपात होने की संभावना है। चिल्लई कलां 40 दिनों का एक दौर होता है, जब कश्मीर घाटी शीतलहर की चपेट में आ जाती है और तापमान काफी घट जाता है। इस अवधि में हिमपात की प्रबल संभावना रहती है। खासकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी होती है।
चिल्लई कलां का समापन 30 जनवरी को होगा। उसके बाद भी कश्मीर घाटी में शीतलहर बनी रहती है और फिर 20 दिनों का ‘चिल्लई-खुर्द’ और 10 दिनों का ‘चिल्लई बच्चा’ का दौर रहता है।
इस बार खुला रहेगा सिंथन दर्रा
कश्मीर घाटी को जम्मू क्षेत्र में चिनाब घाटी से जोड़ने वाले सिंथन दर्रे को ‘चिल्लई कलां’ के पहले दिन बुधवार को पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों के लिए भी खुला रखा गया। अधिकारियों के मुताबिक प्रतिकूल मौसम के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-44 अवरुद्ध होने पर सिंथन दर्रे की सड़क जम्मू-कश्मीर संभागों की संपर्कता बनाए रखने में भी मदद करती है। गौरतलब है कि सिंथन टॉप एक पहाड़ी दर्रा है, जो अनंतनाग जिले में दक्षिण कश्मीर की ब्रेंग घाटी और चिनाब घाटी के किश्तवाड़ जिले में चतरू के बीच स्थित एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है।
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