शुक्रवार सुबह भी इलाज के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 1 महिला और 2 बच्चे हैं। अब तक हादसे में 11 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे में गंभीर रूप से झुलस चुकी सुआ कंवर,पूनम और सज्जन कंवर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, इससे पहले शुक्रवार तक 8 मौत हो चुकी थी। इस दर्दनाक हादसे में अब तक हुई मौतौं में सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की है, अब तक जान गंवा चुके 11 लौगौं में 7 बच्चे हैं।
जोधपुर। शेरगढ़ के भूंगरा में गुरुवार को हुए गैस सिलेंडर विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। शुक्रवार सुबह भी इलाज के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 1 महिला और 2 बच्चे हैं। अब तक हादसे में 11 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे में गंभीर रूप से झुलस चुकी सुआ कंवर,पूनम और सज्जन कंवर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, इससे पहले शुक्रवार तक 8 मौत हो चुकी थी। इस दर्दनाक हादसे में अब तक हुई मौतौं में सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की है, अब तक जान गंवा चुके 11 लौगौं में 7 बच्चे हैं।
मेकअप मैन भी झुलसा,फोटोग्राफर की मौत
हादसे में दूल्हे को तैयार करने आया दिलीप कुमार भी झुलस गया था। दिलीप की भी हालत गंभीर बनी हुई है। फोटोग्राफी करने आए कवराज सिंह पुत्र मनोहर सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। दिलीप के परिजनों ने बताया कि चार महीने पहले ही दिलीप के पुत्र का जन्म हुआ है। परिवार में पिता बीमार है, जिसके चलतेपरिवार के सदस्यों ने उन्हैं अभी तक नहीं बताया कि हादसे में वह गंभीर घायल है। डॉक्टरों का कहना है कि करीब 60-70 प्रतिशत तक झुलस गया है।
47 मरीजों का चल रहा इलाज
हादसे के बाद घायलों का शहर के महात्मा गांधी अस्पताल में इलाज चल रहा है। यहां फिलहाल 47 मरीजोंका इलाज चल रहा है। इनमें से 10 की हालत काफी गंभीर है। जो 60 फीसदी तक जल चुके हैं। इनमें बच्चे और महिलाओं की संख्या ज्यादा है। वहीं 11 घायल 50 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं। जबकि 29 मरीजों की स्थिति अगले 48 घंटों में साफ हो पाएगी।
क्लॉक वाइज डॉक्टर्स की टीम तैनात
महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ राजश्री बेहरा ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही अस्पताल में घायलों के इलाज के लिए माकूल व्यवस्था की गई। फिलहाल अस्पताल के 4 वार्डों में 50 घायल मरीज भर्ती हैं। समूचित चिकित्सा व्यवस्था व बेहतर इलाज के लिए प्रत्येक वार्ड में क्लॉक वाइज डॉक्टरों की टीम लगाई गई है।
टीम में एनएसथीसिया, पीडियाट्रिक और सर्जरी के दो-दो डॉक्टर को भी शामिल हैं किया गया है। कुल 24 डॉक्टर की टीम दिन-रात घायलों को बेहतर इलाज देने में जुटी है। इनमें सीनियर और जूनियर सहित रेजिडेंट डॉक्टर भी शामिल है। बेहतर इलाज के लिए प्रत्येक वार्ड में 10 नर्सिंग स्टाफ लगाए गए हैं। वहीं गंभीर घायल मरीजों के बेहतर इलाज के लिए आईसीयू में 30 नर्सिंग स्टाफ भी केयर के लिए लगाए गए हैं।
सीएम गहलोत भी पहुंचे अस्पताल
सीएम अशोक गहलोत भी शुक्रवार को अस्पताल पहुंचे। सीएम गहलोत ने अस्पताल में डाक्टर्स से घायलों के इलाज और व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही अधीक्षक से अस्पताल में डॉक्टर और दवाइयों की उपलब्धता के बारे में जानकारी भी ली। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अस्पताल में इलाज के लिए कोई कमी नहीं हो इसके लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा। इससे पहले शुक्रवार सुबह सबसे पहले रालोपा सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनिवाल ने अस्पताल का दौरा कर घायलों के इलाज के बारे में जानकारी ली। साथ ही राज्य सरकार से बेहतर इलाज और घायलों व मृतकों के परिजनों को विशेष सहायता राशि पैकेज की मांग भी की।
घायलों को एयरलिफ्ट करने में करेंगे मदद-शेखावत
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी हादसे के पीडीतों से मिलने अस्पताल पहुंचे। शेखावत ने मीडिया से बातचीत में पीड़ितों को केंद्र सरकार से हर संभव मदद की बात कही। शेखवात कने कहा कि वें पीएम रिलीफ फंड से भी मदद दिलाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो घायलों को एयरलिफ्ट करने में भी मदद करेंगे।
ऑयल कंपनियों को किया पाबंद-खाचरियावास
हादसे के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग एवं ऑयल कम्पनियों के प्रतिनिधियों तथा गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स की बैठक ली.मंत्री ने खाचरियावार ने
गैस सिलेण्डरों की सेफ्टी के पुख्ता प्रबंध करने और आयोजित गैस सिलेण्डर लीक से होने वाली दुर्घटनाएं रोकने के लिए ऑयल कम्पनियों को सख्त निर्देश दिये गये है। उन्होंने कहा कि ऑयल कम्पनियों के गैस बोटलिंग प्लांट में कमी पाये जाने पर सख्त कार्यवाही की जायेगी। खाद्य मंत्री ने बताया कि गैस सिलेण्डर हादसों को रोकने के लिए जिला स्तर पर जिला रसद अधिकारियों के साथ ऑयल कम्पनियों के प्रतिनिधियों एवं जिला प्रशासन की बैठक आयोजित की जायेगी
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