विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही प्रदेश में सियासी सरगर्मियां बढ़ गई हैं। हाल ही कांग्रेस के हुए अिधवेशन में जहां पार्टी के हारे हुए प्रत्याशियों को ज्यादा तवज्जो देने की बात पर हंगाम किया तो भाजपा के ओम माथुर ने यह कहकर भूचाल ला दिया कि मैं जहां खूंटा गाड़ देता हूं, उसे मोदी भी नहीं उखाड़ सकते।
विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही प्रदेश में सियासी सरगर्मियां बढ़ गई हैं। हाल ही कांग्रेस के हुए अिधवेशन में जहां पार्टी के हारे हुए प्रत्याशियों को ज्यादा तवज्जो देने की बात पर हंगाम किया तो भाजपा के ओम माथुर ने यह कहकर भूचाल ला दिया कि मैं जहां खूंटा गाड़ देता हूं, उसे मोदी भी नहीं उखाड़ सकते। इससे पहले भी भाजपा में गुटबाजी कई बार सामने आ चुकी है।
जयपुर । कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर रंधावा के सामने निर्दलीय और बसपा विधायकों की सीटों पर हारे हुए कांग्रेस उम्मीदवारों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने कहा कि जो विधायक सरकार बनने के बाद कांग्रेस और सरकार में शामिल हुए, उनके हर काम हो रहे हैं और उनके क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। ऐसे में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का मनोबल टूट रहा है। कांग्रेस के हारे हुए विधायक उम्मीदवारों को गुरुवार को अस्पताल रोड पर कांग्रेस वॉर रूम में फीडबैक के लिए बुलाया गया था। कांग्रेस वॉर रूम में रंधावा ने मंत्रियों से भी फीडबैक लिया, इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद रहे। इससे पहले कांग्रेस स्थापना दिवस पर प्रदेश अधिवेशन में जिलों से पहुंचे डेलीगेट्स ने सरकार में ब्यूरोक्रेसी के हावी होने पर सवाल उठाते हुए मंत्रियों को आड़े हाथों लिया। विधायक और यूथ कांग्रेस अध्यक्ष गणेश घोघरा और प्रतापगढ़ विधायक रामलाल मीणा ने सवाल उठाते हुए कहा कि ब्यूरोक्रेसी सरकार की छवि और सरकार के कामकाज पर बट्टा लगाने का काम कर रही है। इस अफसर को ट्रांसफर करके जोधपुर भेजा गया, उसे फिर से वही लगा दिया गया है। अगर इस तरह से ब्यूरोक्रेसी हमारे विधायक और जनप्रतिनिधियों के साथ मिस बिहेव करती रही तो इससे क्या मैसेज जाएगा। इससे कैसे सरकार रिपीट होगी।
नहीं हो पा रहे छोटे-मोटे काम भी
कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर रंधावा और प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा वॉर रूम में फीडबैक लिया। 13 निर्दलीय विधायकों और 6 बसपा मूल के विधायकों वाली सीटों पर हारे हुए कांग्रेस उम्मीदवारों ने आते ही प्रभारी से उनकी अनदेखी का मुद्दा उठाते ही जमकर हंगामा किया। बाद में इन्हें शांत किया गया। शाहपुरा से कांग्रेस के हारे हुए उम्मीदवार मनीष यादव, नदबई से हिमांशु कटारा, खंडेला से सुभाष मील, बहरोड़ से आरसी यादव सहित हारे हुए कांग्रेस उम्मीदवारों ने प्रभारी और प्रदेशाध्यक्ष को जमकर खरी-खरी सुनाई। हारे हुए उम्मीदवारों ने कहा कि निर्दलीयों ने हर डिपार्टमेंट में लूट मचा रखी है। वे हर बात में सीएमओ की धमकी देते हैं। उनके सारे काम होते हैं। अब कांग्रेस का राज होते हुए भी हम पीड़ित हैं, जिस कार्यकर्ता ने विपक्ष में रहकर लाठियां खाईं, खून पसीना बहाया, उसके छोटे-मोटे काम भी नहीं हो पा रहे हैं।
केवल योजनाओं से रिपीट नहीं होगी सरकार: मोहन प्रकाश
जैसलमेर से जिला अध्यक्ष उम्मेद सिंह ने भी कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं होने का आरोप लगते हुए कहा कि विधायकों के काम करते-करते सरकार को 4 साल हो चुके हैं, अब तो कम से कम चुनावी साल में कार्यकर्ताओं की सुध ले लीजिए, अगर आप भी कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हुई तो कब होगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहनप्रकाश ने यहां तक कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं श्रेष्ठ हैं, लेकिन केवल योजनाओं से सरकार रिपीट नहीं होगी।
गहलोत की नसीहत, सब भुलाकर करें काम
अधिवेशन में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तल्ख लहजे मेंे कहा कि यह दुष्प्रचार करना बंद कर दें कि हमारी सरकार रिपीट नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जो नेता खुद के मुंह से पार्टी के लिए उल्टी बात कह रहा है, वह पार्टी का वफादार नहीं है। पार्टी के प्रति वफादार रहें। यदि हम रिपीट करेंगे तो यह राजस्थान नहीं, बल्कि देश के लिए होगा। गहलोत ने कहा की सभी से गलतियां होती हैं, लेकिन तय कर लें की पार्टी हित में सब कुछ भुलाकर सरकार रिपीट करनी है।
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