आज का युवा कॅरियर को लेकर काफी चिंतित है। वह हर समय इसी उधेड़बुन में लगा रहता है कि वो अपने सपनों को कैसे परवाज दें। इसके लिए जरूरी है कि वह सही समय पर सही विकल्प का चुनाव करे। आज कॅरियर के लिए बहुत से ऐसे विकल्प मौजूद हैं, जिनमें चमक-दमक के साथ आपका भविष्य भी संवर सकता है।
जयपुर। आज का युवा कॅरियर को लेकर काफी चिंतित है। वह हर समय इसी उधेड़बुन में लगा रहता है कि वो अपने सपनों को कैसे परवाज दें। इसके लिए जरूरी है कि वह सही समय पर सही विकल्प का चुनाव करे। आज कॅरियर के लिए बहुत से ऐसे विकल्प मौजूद हैं, जिनमें चमक-दमक के साथ आपका भविष्य भी संवर सकता है। इसके लिए जरूरी है थोड़ी मेहनत और सही विकल्प का चुनाव करने की। आज तमाम ऐसे कैरियर विकल्प मौजूद हैं, जो ग्लैमर यानी चमक-दमक की दुनिया से जुड़े हैं। उनमें से किसी में भी अपनी अभिरुचि और प्रतिभा के बल पर राह निकाली जा सकती है। जॉब के बाजार में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जो सामान्य 10 से 5 की नौकरी से परे हैं। इन क्षेत्रों में फोटोग्राफी से लेकर एक्टिंग तक और इवेंट मैनेजमेंट से लेकर म्यूजिक तक तमाम विकल्प उपलब्ध हैं। चमक-दमक से लबरेज इन कैरियर विकल्पों में तरक्की की कोई सीमा नहीं है। जितनी आप मेहनत करेंगे, विकास के उतने ही रास्ते आपके लिए खुलते जाएंगे। ऐसा ही कॅरियर विकल्प है इवेंट मैनेजमेंट का। इसमें पैसा तो है ही। साथ ही इसका ग्लेमर भी कम नहीं है। वहीं अापको कई बड़ी हस्तियों से मिलने और संपर्क के मौके भी बराबर मिलते हैं।
ग्लैमर के साथ नाम भी
किसी भी आयोजन को सफलतापूर्वक अंजाम देना इवेंट मैनेजमेंट कहलाता है। इवेंट जन्मदिन की कोई पार्टी हो सकती है, शादी समारोह को सकता है, सेमिनार हो सकता है या बड़े पैमाने पर खेलों का कोई आयोजन भी हो सकता है। इसमें क्लांइट के बजट के अनुसार स्थान का चयन करना, जरूरी साजो-सामान जुटाना, सेलिब्रिटी की व्यवस्था करना, बजट बनाना, प्रायोजक तलाशना, पब्लिसिटी करना, सरकार से जरूरी इजाजत लेना जैसे काम हो सकते हैं। सेलिब्रिटी मैनेजमेंट भी इसी के अंतर्गत आता है। सेलिब्रिटीज में खिलाड़ी, फिल्म स्टार, मॉडल आदि कोई भी हो सकता है। इसमें डिप्लोमा और पीजी डिप्लोमा जैसे पाठक्रम कराए जाते हैं। इस फील्ड में अपना काम करने के लिए भी मौके हैं।
नेशनल इंस्टीटूट ऑफ इवेंट मैनेजमेंट, मुंबई
नैम इंस्टीटूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स मैनेजमेंट: खूब हैं संभावनाएं
स्पोर्ट्स मैनेजमेंट विभिन्न खेलों के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की योजना बनाने और उन्हें आयोजित कराने से जुड़ा है। आज कई ऐसी कंपनियां मार्केट में मौजूद हैं, जो इस काम को बखूबी अंजाम दे रही हैं। इससे जुड़े पाठक्रम भी कराए जाते हैं, जिसने फिजिकल एजुकेशन में स्नातक किया है, उसके लिए यह और आसान होगा। इसके मैनेजमेंट में प्रायोजन तथा खेल व वित्त के अंत:संबंधों को समझना पड़ता है। खेल के नियमों की जानकारी और मीडिया से बेहतर संवाद की स्थिति जरूरी है।
अलगप्पा विश्वविद्यालय, कराईकुडी (तमिलनाडु)
इंदिरा गांधी इंस्टीटूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन एेंड स्पोर्ट्स साइंस, नई दिल्ली
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